Friday, March 12, 2010

मुझमे गुण नहीं है ज्यादा
जिंदगी जिने का फ़न भी आधा
आपकी निगेहबानी मे बढ़ जाएँ
अगर साथ हो तो काम कर जाएँ
सफ़र हर दिन का आसाँ कर पायें
१२/०३/२०१०


Thursday, March 11, 2010

कौन अपना कौन पराया ?
पे है अभी कोहरा

छाँव के साए मे
दर्द गहरा

आहट की चाह का
अनवरत पहरा

न देखो तुम फिर भी
काट लेंगे
हमे नशा है गहरा
११/०३/२०१०