फिर आयी रात अँधेरे की चादर ओढ़े
फिर से डाले हैं तेरी यादों के झूले हमने
फिर आयी रात...
तेरी यादों के समुन्दर में डूबे उभरे
पार करते रहे समुन्दर गहरे
फिर आयी रात.....
सहते रहे दर्द ए जुदाई फिर भी
तेरी यादों का दामन ना छूटा
फिर आयी रात.....
रूठना, रूठके मनाने की कोशिश करना
अब यहि काम है अंजाम की कोशिश करना
फिर आयी रात....
फिर से डाले हैं तेरी यादों के झूले हमने
फिर आयी रात...
तेरी यादों के समुन्दर में डूबे उभरे
पार करते रहे समुन्दर गहरे
फिर आयी रात.....
सहते रहे दर्द ए जुदाई फिर भी
तेरी यादों का दामन ना छूटा
फिर आयी रात.....
रूठना, रूठके मनाने की कोशिश करना
अब यहि काम है अंजाम की कोशिश करना
फिर आयी रात....