पेड़ नंगे नोकदार
और न लताओं के हार
पक्षी आसमा के उस पार
धुन्द्लाता नभ बेशुमार
सर्द हवा असरदार
बेखबर युवा - धुंए के गुबार
बुजुर्ग चौकन्ने - मंद गतीदार
आई है शीत ऋतू जिसके जाना है पार......