Saturday, December 12, 2009


पेड़ नंगे नोकदार


और न लताओं के हार


पक्षी आसमा के उस पार


धुन्द्लाता नभ बेशुमार


सर्द हवा असरदार


बेखबर युवा - धुंए के गुबार


बुजुर्ग चौकन्ने - मंद गतीदार


आई है शीत ऋतू जिसके जाना है पार......





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